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सौरव गांगुली केसे दिखाते थे अपनी दादागिरी! पढिये मजा आएगा

सौरव गांगुली ने ना केवल अपने कैरिएर से बल्कि दादा गिरी से भी जाने जातें है। सौरव गांगुली क्रिकेट टीम में दादा कहलाते है। क्योंकि उनके इस दादागिरी के कई मामले सामने देखे गए है। आज हम आपको उनके कुछ लम्हे जो की उनकी दादागिरी को दर्शाती है, बता रहे है। पूरी खबर पडियेगा मजा आगेगा।

ये किस्सा 1991-92 का है जब उन्होंने banched प्लेयर के तौर पर फिल्ड में मोजूद प्लेयर के लिए ड्रिंक ले जाने से माना कर दिया था।  इसी दादागिरी के कारन उनको चार साल तक टीम में जगह नहीं मिली क्योंकि वो अगली बार इस तरह की दादागिरी नहीं देखना चाहते थे।

 इस पर गांगुली का स्टेटमेंट कुछ इस प्रकार था की ये एक कहानी है जबकि मैंने इस बात पर उस समय कहा था की हमारी ट्रिप पर रणबीर सिंह नाम का मेनेजर है और ये हमारे लिए शर्म की बात है क्योंकि उससे ख़राब इंसान हमने आज तक नहीं देखा।

अगली बार गांगुली ने लंकाशायर में भी विवाद खड़ा किया और अपनी दादागिरी को प्रदर्थित किया। गांगुली अपने आप को नवाब समझते थे और अपने ही साथी को आर्डर देते थे। एक बार तो गांगुली ने माइकल को अपना स्वेटर देकर ग्राउंड से बहार जाने के लिए कहदिया और वे दुसरे क्रिकेटर से अपना बैग मंगवाना चाहते थे। गांगुली का यह स्वाभाव बहुत ही घमंड को प्रदर्शित करता है। यह हरकत सन 2000 की है  

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जिस तरह आज virat के संग अनुष्का का नाम जुड़ा है ठीक उसी तरह सन 2001 में गांगुली का नाम भी एक एक्ट्रेस नगमा के साथ जुड़ा हुआ था। हर जगह उनका ही चर्चा हुआ करता था पर इस पर गांगुली की पत्नी डायना ने इस बातो पर विश्वास नहीं किया जबकि नगमा ने कहा की मेरे और गांगुली के बारे में जो भी बात चारो और फ़ैल चुकी है उससे हमें कोई फरक नहीं पड़ता। आज तक हमने किसी पर ऊँगली नहीं उठाई। 

अगली दादागिरी गांगुली ने इंडिया आस्ट्रलिया सीरिज के दौरान दिखाई। वो ग्राउंड में एक राजा महाराजा की तरह लेट आये जिससे की कप्तान को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। गांगुली की इस दादागिरी को देख ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव वा ने गांगुली को एक घमंडी इंसान कहा। और यह देर दराज आने का सिलसिला पूरी सीरिज में चलता रहा।

सन २००१ में गांगुली को suspend कर किया गया और 6 क्रिकेटर पर भी ban लगाया गया। साउथ अफ्रीका के रेफरी ने गांगुली को अपनी टीम को सही तरह से control नहीं करने का आरोप लगाया और साथ ही suspend भी कर दिया गया। us समय गांगुली की इतनी थाक थी की पूरे भारत में मैच रेफरी माइक देन्नेस का विरोध किया गया।

सन 1998 में एक ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले जा रहे टेस्ट मैच के दौरान अम्पायर ने जब गांगुली को आउट बताया तो उन्होंने आउट होने से माना कर दिया। उन्होंने अम्पायर के साथ भी दादागिरी की थी।    

ऐसी ही एक घटना श्रीलंका के खिलाफ मैच में हुई जब गांगुली ने empire को गुस्से में बात दिखाया। बाद में बोल्लिंग के समय गांगुली ने अपना हार का गुस्सा empire पर ही निकाला इसके बाद उन्हें एक मैच पर ban लगा दिया गया।

सन 2002 में गांगुली की दादागिरी देखि गयी जब इंग्लॅण्ड के खिलाफ नेटवेस्ट ट्राफी का मैच चल रहा था। गांगुली ने लाइज ग्राउंड की balcony में सलमान खान की तरह अपनी शर्ट उतारकर लहराई। यह एक जश्न को प्रदर्शित करता है। जबकि स्टाफ के लोग कहते है की ये us ग्राउंड का अपमान है उनको ऐसी हरकत नहीं करनी चाहिए। गांगुली ने इस तरह की हरकत करके  एंड्रयू फ्लिंटॉफ को जवाब दिया

एक दादागिरी गांगुली ने सन 2004 में दिखाई जब उन्होंने नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हो रहे टेस्ट मैच को खेलने से माना कर दिया। उनका कहना था की पिच पर घांस उगी हुई है और ऐसा कहकर गांगुली ने अपना पल्ला झाड़ लिया था और टीम से अलग हो गए। 

सन 2005 में गांगुली ने कहा की ग्रेग चैपल कहते है की वह खेलना छोड़ दे क्योंकि उन्होंने कहा था की गांगुली सही बैटिंग नहीं कर रहे है और उनको प्रैक्टिस की जरूरत है। गांगुली ने अगले मैच में century लगाईं और मीडिया के थ्रू इस बात को पूरे क्रिकेट जगत में फैलाई। इस घटना के बाद गांगुली को 1 साल के लिए बहार रखा गया और उनका कैप्टिन का पद भी छीन लिया गया।

सन 2008 के आईपीएल के पहले सीजन में गांगुली क्रिकेट ग्राउंड में लेट लतीफ़ पहुंचे जिस कारन टीम राजस्थान रॉयल काफी देर तक गांगुली की बैटिंग के लिए wait करना पड़ा। गांगुली की इस हरकत के कारण उनका वार्न से भयन्कर विवाद खङा हो गया।

ईन सभी हरकतो से पता चलता है कि गांगुली हर जगह अपनी दादागिरि और रोब जमाते थे।

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