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How To Take Care Of a Newborn baby till 6 month

How To Take Care Of a Newborn Baby Till  6 Month
बच्चो के पैदा होते ही उसके रिश्तेदार उसके लिए नए नए कपडे खिलोने और खाने के सामान लातें है। पैदा होते ही मुह मीठा करना एक अच्छी शगुन घडी मानते है। कोई मानता है की पहला कपडा मामा का होगा या घर का होगा या नया होगा आदी। पर कुछ बातें ऐसी होती है जो की इन रीती रिवाजों के चलतें ध्यान रखना जरूरी होता है।

Clothing
जन्म के समय बच्चो को Simple, Sundry साबुन से धुले हुए कपडे पहनाने चाहिए। अगर गर्मी का समय हो तो सूती कपडे होने चाहिए। सर्दी का समय हो तो  मोटे कपडे के साथ साथ हथेली और पैरों के तलवों को ढक कर रखने चाहिए। Woolen Gloves और Shocks का उपयोग करें।
Weight
बच्चो का वजन पैदा होते ही 2.5 से 3 किलो होना चाहिए। शुरू के सात दिनों तक बच्चो का वजन घटता है। बच्चो का वजन 6 महीने तक 2.5 से 5 किलो हो सकता है और 6 महीने से लेकर साल भर तक यह वजन 10 से 12 किलो हो सकता है। बच्चे का वजन दिन पे दिन 30-40  ग्राम बढ़ता है। यदि वजन में अचानक बढ़ाव घटाव आता है तो Doctor से Consult करना चाहिए।
Temperature
कई लोगों को यह पता नहीं होता है की ac काTemperature  कितना होना चाहिए। Air Condition का Temperature लगभग 26-270 डिग्री होना चाहिए। बच्चो को हथेली पर हाथ लगाकर देखलें की वह गर्म है या ठंडा। यदि गर्म हो तो समझ लीजिये की बच्चे को गर्मी लग रही है और उस पर से कपडे कम कर देवें और ठंडा है तो समझो की सर्दी लग रही है और कपडे की जरूरत है।
Breast Feeding
बहुत कम लोग ये जानतें होंगे की हर माँ का दूध Same नहीं होता है। जो पोषक दूध उस विशेष बच्चे के लिए जरूरी होता है वो सारे पोषक तत्व उस बच्चे के लिए उसके माँ के दूध मैं उपलब्ध होतें है। बाहर से कुछ भी Extra Nutrition की जरूरत नहीं होती है। माँ के दूध में बच्चे के हिसाब से सारे Nutrition मोजूद होतें है। बच्चे को कम से कम 6 माह तक Breast Feeding कराना अति आवश्यक होता है
Bathing
बच्चो के Skin पर एक Layer होती है जो की Bacteria से लडती है। जब हम बच्चो को साबुन से नहलाते है तो वो Layer हट जाती है जिसके फलस्वरूप वायरस का Skin में प्रवेश करना आसान हो जाता है। आज कल बच्चो को नहलाने के लिए बाज़ार में साबुन मिलते है उनसे नहला सकतें है। साबुन हो तो गुनगुने पानी और साफ कपडे की मदद से भी नहलाया जा सकता है।
Daily Routine
बच्चो को पूरा दिन में 7-8 Breast Feeding करनी चाहिए और बच्चा Feeding के बाद 2-2.5 घंटे के लिए सोना चाहिए। 6 से 7 बार पेशाब और दिन में 2-3 बार फ्रेश होना चाहिए। इस तरह के routine का हमें नोट करना चाहिए। बच्चो को काजल नहीं लगाना चाहिए। सोते समय मच्छर दानी का प्रोयाग करें। किसी भी प्रकार की मच्छर बगाने की टिकिया का इस्तेमाल करें इनमें पाए जाने वाले घटक बच्चे के लिए नुकसान दायी होतें है 
जैतून या सरसों के तेल से मालिश करनी चाहिए। बच्चो के सर में बीच में एक नरम सा हिस्सा होता है। उसमें अच्छी तरह से बिलकुल हलके हाथो से मालिश करनी चाहियें। मालिश के बाद बच्चे को तेज हवा में रखें। सर्दियों के दिनों में थोड़ी धुप में भी मालिश करनी चाहिए।
Toxin Extraction
यदि Baby लड़की हो तो उसकी छाती मैं एक प्रकार का टोक्सिन भरा हुआ होता है। जिसे की निप्पल के आस पास के Area को दबाकर टोक्सिन को निप्पल के Through बाहर निकला जाता है। यह काम किसी जानकर से ही कराना चाहिए।  
Habit
बच्चे 3 माह में माँ को पहचानने लगते है गर्दन को संभालनें लगते है। 5 महीने तक स्माइल करतें है। कोई आवाज दें तो उसकी तरफ देखतें है। एक हाथ से दुसरे हाथो में चीजे Transfer कर लेतें है। और 6 महीने में बच्चा बेठना चाहिए। यदि बच्चा आवाज देने पर कोई रियेक्ट नहीं करता है तो Doctor से मिलना चाहिए ऐसे में कानो की समस्या हो सकती है
Tike
गवर्नमेंट प्लान और प्राइवेट प्लान के हिसाब से बच्चो को समय पर टिके लगवाने चाहिए
आजकल पैदा होते ही बच्चो को नर्सिंग रूम में रखा जाता है जहाँ बच्चो की Special Care की जाती है जहाँ तक संभव जो सकें डिलीवरी हॉस्पिटल मैं ही करवानी चाहिए